Chandra Grahan 2025: चंद्र ग्रहण के बाद घर का शुद्धिकरण जरूरी, सुबह होते ही कर लें ये 5 काम
Chandra Grahan 2025:7 सितंबर को रात 09 बजकर 58 मिनट परChandra Grahanशुरू हुआ और रात 01 बजकर 26 मिनट पर समाप्त हुआ। ज्योतिष के अनुसार, चंद्र ग्रहण के बाद घर का शुद्धिकरण और दान-पुण्य करना बहुत जरूरी होता है। जो लोग चंद्र ग्रहण के मोक्ष काल में ये काम नहीं कर पाए थे, उन्हें अगली सुबह इन्हें अवश्य कर लेना चाहिए।
देशभर में लोगों ने 7-8 सितंबर की दरमियानी रात ब्लड मून का अद्भुत नजारा देखा। यह चंद्र ग्रहण कई मायनों में खास माना गया था। करीब 122 साल बाद पितृपक्ष के संयोग में चंद्र ग्रहण लगा था। यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण था, और ऐसी घटना बहुत दुर्लभ होती है। इससे पहले भारत में व्यापक रूप से दिखाई देने वाला पूर्ण चंद्र ग्रहण साल 2018 में हुआ था। अब पूर्ण चंद्र ग्रहण देखने का अगला मौका 31 दिसंबर 2028 को आएगा।
क्यों जरूरी है Chandra Grahan के बाद घर का शुद्धिकरण?
ज्योतिषविदोंकी मानें तो, चंद्र ग्रहण का अशुभ प्रभाव ग्रहण समाप्त होने के बाद भी कई दिनों तक बना रहता है। इसलिए चंद्र ग्रहण के बाद घर का शुद्धिकरण बहुत जरूरी हो जाता है। चूंकि यह चंद्र ग्रहण देर रात को समाप्त हुआ था, इसलिए बहुत से लोगों को शुद्धिकरण के उपाय करने का मौका नहीं मिल पाया। ऐसे लोग ग्रहण की अगली सुबह भी ये महत्वपूर्ण कार्य कर सकते हैं।
- गंगाजल का छिड़कावचंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद, पूरे घर मेंगंगाजलका छिड़काव करना चाहिए। कहते हैं कि घर में गंगाजल का छिड़काव करने से ग्रहण की अशुभ छाया और नकारात्मक ऊर्जा का असर खत्म हो जाता है।
- स्नान करनाचंद्र ग्रहण समाप्त होते ही स्नान जरूर करना चाहिए। अगर आप नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिला लें, तो यह और भी उत्तम होता है। इसके बाद, साफ-सुथरे और धुले हुए वस्त्र धारण करें।
- मंदिर की सफाईचंद्र ग्रहण कासूतक काललगने से पहले मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और देवी-देवताओं की मूर्तियों को कपड़े से ढक दिया जाता है। ग्रहण समाप्त होने के बाद, मंदिर के कपाट खोलें और भगवान की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराएं। मंदिर में भगवान की फिर से स्थापना के बाद, घी या तेल का दीपक जलाएं और धूप, दीप, इत्र आदि अर्पित करें।
- बासी भोजनयदि आपने सूतक लगने से पहले पके हुए खाने मेंतुलसी दलनहीं डाला था, तो ग्रहण समाप्त होने के बाद इस खाने का प्रयोग न करें। ताजा भोजन बनाएं और उसका सेवन करें।
- दानचंद्र ग्रहण के मोक्ष काल मेंदानकरने की परंपरा है। ऐसा करना बहुत ही उत्तम माना जाता है, क्योंकि इससे ग्रहण का अशुभ प्रभाव कम होता है। लेकिन इस चंद्र ग्रहण का मोक्ष काल रात को देर से लगा था, इसलिए बहुत सारे लोग दान नहीं कर पाए। ऐसे लोग ग्रहण के बाद अगली सुबह गरीबों और जरूरतमंद लोगों को दान-पुण्य कर सकते हैं। आप चावल, दूध, चीनी, घी, वस्त्र या अपनी क्षमता के अनुसार धन का दान कर सकते हैं।
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