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Diabetes Treatment: डायबिटीज का दुनिया में पहली बार सेल थेरेपी से इलाज, चीन के वैज्ञानिकों ने कर दिखाया कमाल

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Diabetes Treatment: डायबिटीज का दुनिया में पहली बार सेल थेरेपी से इलाज, चीन के वैज्ञानिकों ने कर दिखाया कमाल

Diabetes Treatment: 26 मई 2024 को चीन के वैज्ञानिकों ने इतिहास रचा। उन्होंने दुनिया में पहली बार डायबिटीज के इलाज के लिए सेल थेरेपी का सफल उपयोग किया। यह खबर उन लाखों मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आई है जो इस बीमारी से जूझ रहे हैं।

क्या है डायबिटीज?

डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है। इसमें शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है। इंसुलिन नामक हार्मोन की कमी या उसका सही से काम न करना इसकी मुख्य वजह है। यह बीमारी दो प्रकार की होती है – टाइप 1 और टाइप 2। टाइप 1 डायबिटीज में शरीर बिल्कुल भी इंसुलिन नहीं बना पाता। टाइप 2 डायबिटीज में शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता या उसे सही से उपयोग नहीं कर पाता।

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सेल थेरेपी क्या है?

सेल थेरेपी एक आधुनिक चिकित्सा पद्धति है। इसमें रोगी के शरीर में स्वस्थ कोशिकाएं डाली जाती हैं। ये कोशिकाएं रोगी के शरीर में जाकर बीमार या मृत कोशिकाओं को बदल देती हैं। इससे रोगी का शरीर फिर से सही तरीके से काम करने लगता है।

चीन के वैज्ञानिकों का अद्भुत प्रयोग

चीन के वैज्ञानिकों ने इस थेरेपी का इस्तेमाल डायबिटीज के इलाज में किया। उन्होंने टाइप 1 डायबिटीज से पीड़ित मरीजों पर यह प्रयोग किया। इस थेरेपी के लिए उन्होंने रोगी के शरीर से स्टेम सेल्स निकालीं। फिर उन्हें लैब में विकसित किया और स्वस्थ बीटा कोशिकाओं में बदल दिया। इन बीटा कोशिकाओं को रोगी के शरीर में वापस डाल दिया गया। बीटा कोशिकाएं इंसुलिन बनाने में मदद करती हैं।

कैसे काम करती है यह थेरेपी?

इस थेरेपी में सबसे पहले रोगी के शरीर से स्टेम सेल्स निकाली जाती हैं। फिर इन्हें लैब में विकसित किया जाता है। इन स्टेम सेल्स को बीटा कोशिकाओं में बदला जाता है। इसके बाद इन्हें रोगी के शरीर में वापस डाल दिया जाता है। बीटा कोशिकाएं शरीर में इंसुलिन बनाती हैं। यह इंसुलिन शरीर के ब्लड शुगर स्तर को नियंत्रित करता है।

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सफल परीक्षण

चीन के वैज्ञानिकों ने इस थेरेपी का सफल परीक्षण किया। इस परीक्षण में 50 मरीजों को शामिल किया गया। इन मरीजों को टाइप 1 डायबिटीज थी। उन्हें नियमित रूप से इंसुलिन के इंजेक्शन लेने पड़ते थे। इस थेरेपी के बाद उनमें से 45 मरीजों को इंसुलिन इंजेक्शन की जरूरत नहीं पड़ी। उनके ब्लड शुगर का स्तर सामान्य हो गया।

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मरीजों की प्रतिक्रिया

इस थेरेपी के बाद मरीजों ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव लाया है। उन्हें अब नियमित रूप से इंसुलिन के इंजेक्शन नहीं लेने पड़ते। इससे उनकी जिंदगी आसान हो गई है। उन्हें अब डायबिटीज के कारण होने वाली जटिलताओं का डर नहीं है।

वैज्ञानिकों की प्रतिक्रिया

वैज्ञानिकों ने इस सफलता पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह चिकित्सा जगत में बड़ा कदम है। इससे लाखों डायबिटीज मरीजों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस थेरेपी को और भी बेहतर बनाने के लिए आगे भी शोध जारी रहेगा।

चिकित्सा जगत की प्रतिक्रिया

चिकित्सा जगत ने इस सफलता का स्वागत किया। विशेषज्ञों ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह थेरेपी डायबिटीज के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। इससे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। विशेषज्ञों ने कहा कि इसे और भी देशों में लागू करने के लिए शोध और परीक्षण की जरूरत है।

भविष्य की संभावनाएं

इस थेरेपी के सफल होने से भविष्य में डायबिटीज के इलाज में नई संभावनाएं खुल गई हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे अन्य बीमारियों के इलाज में भी मदद मिल सकती है। यह थेरेपी कैंसर, हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में भी उपयोगी हो सकती है।

नतीजा

चीन के वैज्ञानिकों द्वारा की गई इस सफलता ने चिकित्सा जगत में नई उम्मीदें जगाई हैं। इससे लाखों मरीजों को नई जिंदगी मिलने की संभावना है। यह थेरेपी भविष्य में डायबिटीज के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। उम्मीद है कि इस सफलता से अन्य वैज्ञानिक भी प्रेरित होंगे और चिकित्सा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेंगे।

चीन के वैज्ञानिकों की यह सफलता चिकित्सा जगत में मील का पत्थर साबित हो सकती है। इससे डायबिटीज के मरीजों को नई उम्मीद मिली है। यह थेरेपी उन्हें नई जिंदगी दे सकती है। उम्मीद है कि भविष्य में और भी शोध और परीक्षण होंगे और इसे दुनियाभर में लागू किया जा सकेगा। इससे लाखों मरीजों को राहत मिलेगी और उनकी जिंदगी बेहतर होगी।

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