Global Debt: $102 ट्रिलियन पहुंचा दुनिया का कर्ज, किस देश पर सबसे ज्यादा, भारत का क्या हाल है?

$102 ट्रिलियन कर्ज: कौन हैं सबसे बड़े कर्जदार, भारत की स्थिति कैसी है?

नई दिल्ली: दुनिया भर में कर्ज बढ़ने की गति तेज हो चुकी है। Global Debt के ताजा आंकड़ों के अनुसार, कुल कर्ज $102 ट्रिलियन तक पहुंच गया है। कई बड़े देशों की अर्थव्यवस्थाएं इस कर्ज पर निर्भर हैं। IMF और US Treasury के डेटा से पता चलता है कि इस कर्ज का बड़ा हिस्सा कुछ गिने-चुने देशों पर है।

अमेरिका: सबसे बड़ा कर्जदार

दुनिया का सबसे ज्यादा कर्ज अमेरिका पर है।

  • अमेरिका का कुल कर्ज $36 ट्रिलियन है।
  • यह उसकी GDP का 125% है।
  • दुनिया के कुल कर्ज का 34.6% हिस्सा अकेले अमेरिका पर है।

यह हैरानी की बात है कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में होने के बावजूद उसका कर्ज लगातार बढ़ रहा है। इस कर्ज का बड़ा हिस्सा ब्याज चुकाने में खर्च हो रहा है, जिससे देश पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा है।

चीन: दूसरा सबसे बड़ा कर्जदार

चीन इस सूची में दूसरे स्थान पर है।

  • चीन पर कुल कर्ज $14.69 ट्रिलियन है।
  • यह ग्लोबल डेट का 16.1% है।

हालांकि चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, लेकिन हाल के वर्षों में उसे आर्थिक और भू-राजनीतिक संघर्षों का सामना करना पड़ा है।

जापान: तीसरा स्थान

जापान, जो तकनीकी और नवाचार के लिए जाना जाता है, कर्ज के मामले में तीसरे स्थान पर है।

  • जापान का कुल कर्ज $10.79 ट्रिलियन है।
  • यह ग्लोबल डेट का 10% है।

अन्य प्रमुख देश

  • ब्रिटेन: $3.46 ट्रिलियन (ग्लोबल डेट का 3.6%)
  • फ्रांस: $3.35 ट्रिलियन
  • इटली: $3.14 ट्रिलियन

भारत: सातवें स्थान पर

भारत, जो दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, कर्ज के मामले में सातवें स्थान पर है।

  • भारत पर कुल कर्ज $3.057 ट्रिलियन है।
  • यह ग्लोबल डेट का 3.2% है।
  • यह कर्ज जर्मनी, कनाडा, ब्राजील और रूस जैसे बड़े देशों से भी ज्यादा है।

भारत का बढ़ता कर्ज इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, सरकारी योजनाओं और सामाजिक कल्याण परियोजनाओं में निवेश को दर्शाता है। हालांकि, इसे नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में आर्थिक दबाव न बढ़े।

जिन देशों पर सबसे कम कर्ज है

कुछ देश ऐसे भी हैं, जिन पर बहुत कम कर्ज है। इनमें शामिल हैं:

  • इराक, चिली, चेक गणराज्य, वियतनाम, हंगरी, यूएई, बांग्लादेश, ताइवान, रोमानिया, नॉर्वे, स्वीडन, कोलंबिया, आयरलैंड, फिनलैंड।
  • पाकिस्तान: ग्लोबल डेट का केवल 0.3%।
  • बांग्लादेश: मात्र 0.2%।

बढ़ते कर्ज का खतरा

Global Debt का इतना अधिक होना आर्थिक अस्थिरता का संकेत देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि:

  1. अगर कर्ज का सही उपयोग नहीं हुआ, तो यह भविष्य में बड़े वित्तीय संकट का कारण बन सकता है।
  2. कर्ज चुकाने के लिए कई देश अपने सामाजिक कल्याण बजट में कटौती कर सकते हैं, जिससे जनता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
  3. बढ़ता ब्याज भुगतान देशों के विकास में बाधा डाल सकता है।

कर्ज नियंत्रण के उपाय

  • आर्थिक योजनाओं में सुधार: कर्ज के उपयोग की बेहतर योजना बनाना आवश्यक है।
  • स्थायी विकास: इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोडक्टिव क्षेत्रों में निवेश से कर्ज का बोझ कम हो सकता है।
  • वैश्विक सहयोग: देशों के बीच बेहतर आर्थिक समन्वय से समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।

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FAQ

1. दुनिया का कुल कर्ज कितना है?
दुनिया का कुल कर्ज $102 ट्रिलियन है।

2. सबसे ज्यादा कर्ज किस देश पर है?
अमेरिका पर सबसे ज्यादा कर्ज है, जो $36 ट्रिलियन है।

3. भारत का कुल कर्ज कितना है?
भारत पर $3.057 ट्रिलियन का कर्ज है, जो ग्लोबल डेट का 3.2% है।

4. कौन-कौन से देश पर सबसे कम कर्ज है?
इराक, बांग्लादेश, नॉर्वे और स्वीडन जैसे देशों पर सबसे कम कर्ज है।

5. बढ़ते कर्ज से क्या खतरे हैं?
बढ़ता कर्ज वित्तीय संकट, सामाजिक अस्थिरता और विकासशील देशों के लिए दीर्घकालिक समस्याओं का कारण बन सकता है।

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