क्या प्याज़-लहसुन खाने वाले Laddu Gopal की सेवा कर सकते हैं? Premananda Maharaj ने स्पष्ट रूप से बताया
लड्डू गोपाल की सेवा को लेकर श्री हित प्रेमानंद जी महाराज का विचार
हिंदू धर्म में भगवान श्रीकृष्ण का विशेष स्थान है। उनके बालरूपलड्डू गोपालकी पूजा भारत के कई घरों में की जाती है। भक्तजन उन्हें अपने घर में एक नवजात शिशु की तरह स्थापित करके पूर्ण भक्ति भाव से सेवा करते हैं।
लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल आता है —
“क्या हम प्याज़ और लहसुन खाकर भी लड्डू गोपाल की सेवा कर सकते हैं?”
क्या यह धार्मिक रूप से उचित है?
इस प्रश्न का उत्तर दिया है —श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराजने। उन्होंने हाल ही में एक वीडियो में इस विषय पर बहुत ही स्पष्ट और मार्गदर्शक जानकारी दी है।
लड्डू गोपाल की सेवा: नवजात शिशु जैसी होनी चाहिए
प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि यदि आपके घर में लड्डू गोपाल स्थापित हैं, तो उनकी सेवा ठीक वैसे ही करनी चाहिए जैसे कोई अपने नवजात शिशु की देखभाल करता है।
इसमें विशेष ध्यान देने की बात यह है कि सेवा के समयशुद्धता, श्रद्धा और नियमोंका पालन किया जाए।
अब बात आती है — अगर आप प्याज़ और लहसुन का सेवन करते हैं तो क्या आप सेवा कर सकते हैं?
इस पर महाराज जी कहते हैं,“प्याज़ और लहसुन का सेवन पाप नहीं है। इनकी उपज भी आलू की तरह ही होती है, लेकिन इनकी प्रवृत्ति अलग होती है।”
क्या प्याज़-लहसुन खाकर लड्डू गोपाल को भोग चढ़ाया जा सकता है?
प्रेमानंद महाराज के अनुसार,
“हाँ, प्याज़-लहसुन खाकर लड्डू गोपाल की सेवा की जा सकती है, लेकिन उनके लिए जो भोग बनाया जाए, वह प्याज़-लहसुन रहित होना चाहिए।”
यदि आप अधिक कुछ नहीं बना सकते, तोसिर्फ रोटी का भोगभी पर्याप्त है — बस उसमें प्याज़-लहसुन न हो।
क्या साधु-संत और दीक्षित लोग प्याज़-लहसुन खा सकते हैं?
महाराज जी स्पष्ट रूप से कहते हैं किसाधु-संतोंऔरगुरु से दीक्षा प्राप्तकरने वाले लोगों के लिए प्याज़ और लहसुन का सेवन वर्जित है।
क्योंकि इनका सेवन करने सेतमोगुणकी वृद्धि होती है, जिससे जप, तप, साधना और ध्यान में बाधा आती है।
इसी कारण सेभक्ति मार्गमें चलने वाले और तपस्वियों को इसका त्याग करना चाहिए।
सेवा में सबसे महत्वपूर्ण क्या है – शुद्धता या आहार?
महाराज जी कहते हैं,
“लड्डू गोपाल की सेवा में सबसे अधिक महत्वपूर्ण है आपकी भावना और नीयत।”
यदि आप पूरे मन से, श्रद्धा और प्रेम से सेवा कर रहे हैं, तो प्याज़-लहसुन खाना आपकी सेवा को गलत नहीं बनाता —बस उनके लिए जो भी भोग बनाएं वह सात्विक हो।
डिस्क्लेमर
यह जानकारी विभिन्न धार्मिक ग्रंथों, आचार्यों, पंचांग और विशेषज्ञों से संकलित की गई है। हमारा उद्देश्य केवल जानकारी देना है, हम इसकी पूर्ण सत्यता का दावा नहीं करते। किसी भी धार्मिक क्रिया या निर्णय से पहले अपने धर्मगुरु या योग्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
FAQs
Q. क्या प्याज़-लहसुन खाकर लड्डू गोपाल की सेवा की जा सकती है?
हाँ, सेवा संभव है लेकिन भोग प्याज़-लहसुन रहित होना चाहिए।
Q. क्या प्याज़-लहसुन खाना पाप है?
नहीं, लेकिन साधना करने वालों के लिए वर्जित माना गया है।
Q. लड्डू गोपाल को कौन-सा भोग चढ़ाना चाहिए?
सात्विक और शुद्ध भोजन, जिसमें प्याज़-लहसुन न हो।
Q. क्या दीक्षित व्यक्ति प्याज़-लहसुन खा सकता है?
हीं, प्रेमानंद महाराज के अनुसार यह निषेध है।
Q. सेवा में सबसे जरूरी क्या है?
शुद्धता और भावना — वही सच्ची सेवा की पहचान है।
Q. क्या प्याज़-लहसुन खाकर लड्डू गोपाल की पूजा की जा सकती है?
हां, यदि आपकी भावना सच्ची है तो सेवा हो सकती है, लेकिन भोग सात्विक और प्याज़-लहसुन रहित होना चाहिए।
Q. प्याज़-लहसुन को भोग में क्यों नहीं शामिल किया जाता?
क्योंकि ये तमोगुणी होते हैं जो मन और ध्यान को विचलित करते हैं। पूजा में सात्विकता आवश्यक होती है।
Q. साधु-संतों को प्याज़-लहसुन क्यों नहीं खाना चाहिए?
उनकी साधना में तमोगुण बाधक बनता है, इसलिए उन्हें संयमित सात्विक आहार ही करना चाहिए।
Q. अगर कुछ नहीं बना सकते तो क्या सिर्फ रोटी का भोग लगाया जा सकता है?
हाँ, प्रेमानंद महाराज के अनुसार केवल रोटी भी सात्विक भोग के रूप में स्वीकार्य है।
Q. प्याज़-लहसुन का सेवन पाप है या नहीं?
यह पाप नहीं है, लेकिन भक्तिमार्ग में संयम का पालन करने की सलाह दी जाती है।
Q. क्या बाल गोपाल को हर रोज भोग चढ़ाना जरूरी है?
यदि आपने उन्हें स्थापित किया है, तो नियमित सेवा और भोग जरूरी माना गया है।
Q. क्या हर भक्त को यह नियम मानना चाहिए?
हां, अगर आप सेवा करना चाहते हैं तो सात्विकता और भक्ति भाव से सेवा करना अनिवार्य है।
(Read the latest news of the country and the world first on TalkAaj (Talk Today News), follow us on Facebook, Twitter, Instagram and YouTube)













