Search
Close this search box.

राजस्थान की वो महारानी, जिनको देखने के लिए सड़कों पर उमड़ जाता था हूजूम

Facebook
Twitter
Telegram
WhatsApp
Reddit
LinkedIn
Threads
Tumblr
Rate this post

Maharani Gayatri Devi: राजस्थान की वो महारानी, जिनको देखने के लिए सड़कों पर उमड़ जाता था हूजूम

जयपुर, – राजस्थान की धरती, जहां हर कण में इतिहास की महक है, वहां की एक महारानी ऐसी थीं जिनको देखने के लिए सड़कों पर लोगों का हूजूम उमड़ पड़ता था। यह कहानी है Maharani Gayatri Devi की। उनका जन्म 23 मई 1919 को हुआ था। वह जयपुर के महाराजा सवाई मान सिंह द्वितीय की तीसरी पत्नी थीं। गायत्री देवी को उनकी सुंदरता, सौम्यता और समाजसेवा के लिए जाना जाता था।

गायत्री देवी का जन्म कूचबिहार के शाही परिवार में हुआ था। उनका पूरा नाम राजकुमारी गायत्री देवी था। उनके पिता महाराजा जियान्द्र देव राय और माता महारानी इंदिरा देवी थीं। बचपन से ही गायत्री देवी की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने शाही परिवार के तौर-तरीकों के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा भी प्राप्त की।

गायत्री देवी ने 1940 में जयपुर के महाराजा सवाई मान सिंह द्वितीय से विवाह किया। विवाह के बाद उन्होंने जयपुर को अपना घर बना लिया। जयपुर में उनकी उपस्थिति ने लोगों के दिलों में उनके लिए एक खास जगह बनाई। लोग उन्हें देखने के लिए सड़कों पर उमड़ पड़ते थे। उनकी सादगी और शिष्टाचार ने उन्हें और भी प्रिय बना दिया।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Google News Follow Me

महारानी गायत्री देवी ने राजनीति में भी कदम रखा। 1962 में उन्होंने लोकसभा चुनाव में हिस्सा लिया और जीत हासिल की। उनकी जीत ने उन्हें दुनिया की सबसे सुंदर सांसद का खिताब दिलाया। उन्होंने भारतीय राजनीति में अपनी जगह बनाई और महिलाओं के अधिकारों के लिए भी काम किया।

गायत्री देवी ने शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने जयपुर में महारानी गायत्री देवी स्कूल की स्थापना की। यह स्कूल आज भी राजस्थान का एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान है। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा पर विशेष जोर दिया और यह सुनिश्चित किया कि हर लड़की को शिक्षा का अधिकार मिले।

महारानी गायत्री देवी का फैशन सेंस भी लोगों के बीच काफी प्रसिद्ध था। वह भारतीय पारंपरिक परिधान साड़ी में अक्सर दिखाई देती थीं। उनके पहनावे में एक खास राजसी ठाठ-बाट था जो हर किसी को प्रभावित करता था। उनकी सुंदरता और शैली ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय ख्याति भी दिलाई।

गायत्री देवी का जीवन केवल राजसी ठाठ-बाट तक सीमित नहीं था। उन्होंने समाज सेवा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए कई योजनाएं शुरू कीं। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए भी काम किया। उनकी इन पहल के कारण लोग उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखते थे।

गायत्री देवी ने जयपुर की संस्कृति और परंपराओं को भी संजो कर रखा। उन्होंने जयपुर के ऐतिहासिक स्थलों की देखरेख और संरक्षण के लिए भी कार्य किए। उनके प्रयासों के कारण जयपुर आज भी अपने शाही इतिहास के लिए प्रसिद्ध है।

Maharani Gayatri Devi की जीवन कहानी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। उन्होंने एक महारानी के रूप में न केवल अपने कर्तव्यों का पालन किया बल्कि समाज सेवा और राजनीति में भी अपनी छाप छोड़ी। उनके द्वारा किए गए कार्य आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं।

उनका निधन 29 जुलाई 2009 को हुआ, लेकिन उनकी यादें आज भी लोगों के दिलों में बसी हुई हैं। जयपुर की सड़कों पर आज भी उनकी कहानियां गूंजती हैं। राजस्थान की इस महान महारानी को देखकर सड़कों पर उमड़ने वाला वह हूजूम उनके प्रति लोगों के अटूट प्रेम और सम्मान का प्रतीक था।

गायत्री देवी की कहानी यह साबित करती है कि सच्ची सुंदरता और शिष्टाचार का महत्व समय के साथ कभी कम नहीं होता। उनके जीवन से हमें सादगी, सेवा और शिष्टाचार का संदेश मिलता है। उनकी जीवनी हमें यह सिखाती है कि सच्ची महारानी वह होती है जो अपने प्रजा के दिलों पर राज करती है।

(देश और दुनिया की ताज़ा खबरें सबसे पहले पढ़ें Talkaaj (बात आज की) पर, आप हमें FacebookTwitterInstagramKoo और  Youtube पर फ़ॉलो करे)

Facebook
Twitter
Telegram
WhatsApp
LinkedIn
Reddit
Picture of TalkAaj

TalkAaj

Hello, My Name is PPSINGH. I am a Resident of Jaipur and Through This News Website I try to Provide you every Update of Business News, government schemes News, Bollywood News, Education News, jobs News, sports News and Politics News from the Country and the World. You are requested to keep your love on us ❤️

Leave a Comment

Top Stories