Homeअन्य ख़बरेंकारोबारIncome Tax को लेकर यह नियम बदल गया है, यदि आप अभी...

Income Tax को लेकर यह नियम बदल गया है, यदि आप अभी नहीं जानते हैं, तो जुर्माना भरने के लिए तैयार रहें

Income Tax को लेकर यह नियम बदल गया है, यदि आप अभी नहीं जानते हैं, तो जुर्माना भरने के लिए तैयार रहें

न्यूज़ डेस्क:- नए वित्तीय वर्ष के लिए, आयकर विभाग (Income Tax) ने कई नियमों में कुछ ऐसे बदलाव किए हैं, जिन्हें हर करदाता को नहीं पता होना चाहिए। अब केवल आयकर विभाग (Income Tax) को ही कई तरह की आय की जानकारी होगी। ऐसे में टैक्स चोरी करने की कोशिश भी महंगी साबित हो सकती है।

वित्तीय वर्ष 2021-22 पिछले महीने की पहली तारीख से शुरू हुआ है। इसके साथ ही आयकर से जुड़े कई नियमों में बदलाव किया गया है। ऐसे में अगर आप इस साल इनकम टैक्स (Income Tax) फॉर्म भरते हैं, तो आपको कुछ बातों पर विशेष ध्यान देना होगा। अब आपको ट्रेडिंग या डिविडेंड से कमाई की जानकारी भी देनी होगी। प्रत्येक करदाता को शेयर बाजार में व्यापार, म्यूचुअल फंड, लाभांश आय, डाकघर में सावधि जमा और NBFC में जमा के बारे में फॉर्म 26AS देना होगा।

ये भी पढ़े:– सावधान रहे! WhatsApp ठगों का अड्डा बन गया है, एक छोटी सी गलती कंगाल कर देगी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2021 पेश करते हुए इसके बारे में जानकारी दी है। यह जानकारी पहले से ही करदाता के आने वाले कर के फॉर्म में भरी जाएगी। यह जानकारी पहले से ही ITR फॉर्म में भरी जा रही है ताकि करदाताओं को रिटर्न दाखिल करते समय सुविधा मिल सके। पिछले साल तक, करदाताओं को आईटी फॉर्म में नाम, पता, पैन, बैंक विवरण, कर भुगतान और टीडीएस आदि भरना था।

CBDT ने एक सर्कुलर जारी किया है

मार्च में ही, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा इस संबंध में एक परिपत्र जारी किया गया था। इसमें कहा गया है कि सभी करदाताओं की आय से संबंधित जानकारी आयकर विभाग और बैंकों, डाकघरों, म्यूचुअल फंड हाउस, रजिस्ट्रार, बांड जारी करने वाली कंपनियों सहित अन्य वित्तीय संस्थानों के लिए जिम्मेदार होगी।

ये संस्‍थान हर वित्‍तीय वर्ष में पहले से निर्धारित रकम से अधिक के लेनदेन की जानकारी सीधे टैक्‍स विभाग को ही देंगे.

ये भी पढ़े:- SBI ग्राहकों के लिए विशेष नंबर जारी किया, ये सभी कार्य सिर्फ एक कॉल पर हो जाएंगे

क्‍यों इस नियम को लागू कर रही है सरकार?

वास्तव में, कई करदाता अपनी स्वयं की कमाई के बारे में पूरी जानकारी नहीं देते हैं ताकि उन्हें उन पर आयकर का भुगतान न करना पड़े। इसीलिए कर चोरी से निपटने के लिए विभाग यह व्यवस्था ला रहा है। इस तरह, भले ही कोई करदाता चाहे, वे कर चोरी नहीं कर पाएंगे। नए नियम के लागू होने से एक फायदा यह भी होगा कि हर साल रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या भी बढ़ेगी।

इससे प्रत्यक्ष कर संग्रह बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि 8 नवंबर 2016 को विमुद्रीकरण के बाद से, देश भर में करदाताओं की संख्या में वृद्धि हुई है, लेकिन इसके अनुसार कुल कर संग्रह में वृद्धि नहीं हुई है।

नियमों के उल्‍लंघन पर देना होगा जुर्माना

नए नियम के तहत, प्रत्येक करदाता को एनुअल इन्‍फॉर्मेशन स्‍टेटमेंट (AIS) में अपने प्रमुख लेनदेन के बारे में पूरी जानकारी होगी। इस तरह, करदाताओं को आयकर रिटर्न में शेयर ट्रेडिंग से अपने वेतन, आय से ब्याज, लाभांश आय, म्यूचुअल फंड और पूंजीगत लाभ कर को दिखाना होगा। यदि कोई करदाता ऐसा नहीं करता है और उन पर आयकर विभाग द्वारा जुर्माना भी लगाया जाएगा।

ये भी पढ़े:- Pradhan Mantri Matri Vandana Yojana के तहत केंद्र सरकार महिलाओं के खाते में 5 हजार रुपये भेज रही है, उन्हें मिलेगा लाभ

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें और  टेलीग्राम पर ज्वाइन करे और  ट्विटर पर फॉलो करें .डाउनलोड करे Talkaaj.com पर विस्तार से पढ़ें व्यापार की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments