COVID News Hindi: Corona फिर से 20+ देशों में फैला: क्या 5 साल बाद फिर मजबूत हो गया वायरस?
ग्राउंड से रिपोर्ट: नई दिल्ली की उमस भरी दोपहर में जब हम जीटीबी अस्पताल के गलियारों में पहुंचे, तो वहां की हलचल ने कुछ संकेत जरूर दिए। न अफरा-तफरी थी, न कोई डर का माहौल—लेकिन कुछ था जो हवा में बदलते माहौल का अहसास करा रहा था।
और अब जब WHO की ताज़ा रिपोर्ट सामने आई है, तो लग रहा है कि यह बेचैनी बेवजह नहीं थी।
20 से ज़्यादा देशों में Corona की वापसी — भारत भी शामिल
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत सहित दुनिया के 20 से अधिक देशों में कोरोना के मामले दोबारा बढ़ने लगे हैं। रोज़ाना रिपोर्ट हो रहे संक्रमितों की संख्या में धीरे-धीरे इजाफा हो रहा है।
अब सवाल ये है कि क्या वाकई वायरस फिर से उतना ही खतरनाक हो गया है जितना वो 2020–21 में था?
दरअसल, इस बार जिन वेरिएंट्स का ज़िक्र हो रहा है, वो हैं JN.1 और BA.2.86। दोनों में तेजी से फैलने की काबिलियत है, लेकिन अभी तक ऐसी कोई ठोस पुष्टि नहीं हुई है कि ये पहले के वेरिएंट्स से ज़्यादा घातक हैं।
WHO या ICMR की किसी रिपोर्ट में अभी तक यह साफ नहीं कहा गया है कि ये नए वेरिएंट्स गंभीर लक्षण दे रहे हैं या अस्पताल में भर्ती होने की दर बढ़ा रहे हैं।
मौसम ने भी डाली है अपनी भूमिका
GTB अस्पताल के मेडिसन विभाग के डॉ. अजीत कुमार बताते हैं कि केस बढ़ने की एक बड़ी वजह मौसम में हो रहा बदलाव भी है।
उनके शब्दों में,
“अभी मौसम एक अजीब-सी स्थिति में है। उमस है, रुक-रुक कर बारिश हो रही है, तापमान में उतार-चढ़ाव है। ऐसे में वायरल इंफेक्शन का बढ़ना आम बात है। सर्दी, खांसी, बुखार जैसी सामान्य दिक्कतें बढ़ती हैं और इन्हीं के साथ-साथ दूसरे वायरस भी ट्रांसमिट हो जाते हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि कोविड पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। वायरस अब भी सर्कुलेशन में है और म्यूटेशन यानी बदलाव कर रहा है। जब नया वेरिएंट सामने आता है और इम्युनिटी थोड़ी कमजोर होती है, तो केस बढ़ जाते हैं।
क्या हमारी इम्युनिटी हो रही है कमजोर?
इस सवाल पर डॉ. अजीत का जवाब काफ़ी सोचने पर मजबूर करता है।
“समय के साथ लोगों में कोविड के खिलाफ बनी इम्युनिटी में गिरावट आना सामान्य बात है। कई लोगों को दो-तीन साल पहले वैक्सीन लगी थी। अब उसकी प्रभावशीलता थोड़ी कम हो सकती है।”
और जब इम्युनिटी कमजोर होती है, तो वायरस के नए वेरिएंट्स शरीर में आसानी से घुस जाते हैं। खासतौर पर जब वायरस लगातार खुद को बदलता जा रहा हो।
फिर से खतरनाक हुआ वायरस? एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?
दिल्ली के मशहूर महामारी विशेषज्ञ डॉ. जुगल किशोर से जब हमने इस पूरे मुद्दे पर बात की, तो उन्होंने साफ कहा:
“देखिए, 2020 जैसा खतरा अब नहीं है। उस वक़्त कोई वैक्सीन नहीं थी, ना कोई इम्युनिटी। आज हमारे पास वैक्सीन भी है, अनुभव भी है और सिस्टम भी थोड़ा तैयार है।”
उनका कहना है कि कोविड अब एक तरह से सीज़नल फ्लू जैसा व्यवहार कर रहा है। ज़्यादातर मरीजों में गंभीर लक्षण नहीं हैं और उन्हें होम आइसोलेशन में ही ठीक किया जा रहा है।
लेकिन—और यह महत्वपूर्ण है—बुजुर्ग, डायबिटीज़, कैंसर या अस्थमा जैसी बीमारियों से ग्रसित लोग अब भी खतरे में हैं।
अगर आप हाई-रिस्क कैटेगरी में हैं, तो ध्यान रखें ये बातें:
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भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें
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हाथों की सफाई पर ध्यान दें
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खांसते-छींकते वक्त मुंह ढंकना न भूलें
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बुजुर्ग और बीमार लोगों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है
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फ्लू जैसे लक्षण आने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें
कुछ और बातें जिन्हें नज़रअंदाज़ न करें
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अभी तक किसी देश में लॉकडाउन जैसे हालात नहीं हैं, लेकिन फ्लाइट्स पर मास्क की सिफारिशें फिर से बढ़ने लगी हैं।
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जापान, फ्रांस और अमेरिका जैसे देशों में भी नए वेरिएंट्स के चलते कोविड-ट्रैकिंग दोबारा शुरू की गई है।
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कुछ देशों में बूस्टर डोज़ की नई योजनाएं लागू की जा रही हैं, खासतौर पर 60+ उम्र वालों के लिए।
डर नहीं, सतर्कता ज़रूरी है
तो क्या वायरस फिर से ताकतवर हो गया है? सीधा जवाब है — नहीं।
लेकिन यह भी सच है कि वो पूरी तरह गया नहीं है। वक्त के साथ वो बदल रहा है, और हम भी लापरवाह हो रहे हैं। ऐसे में एक छोटी-सी चूक बड़ी परेशानी ला सकती है—खासकर उनके लिए जो रिस्क ज़ोन में हैं।
याद रखें, कोरोना अब एक सामान्य वायरस की तरह हमारे बीच रहेगा। और जैसे हम फ्लू से निपटना सीख गए, वैसे ही इससे भी।
अभी के लिए, न ज़रूरत से ज़्यादा डरिए और न ही पूरी तरह बेपरवाह बनिए। बस थोड़ी सी सावधानी—बस उतनी ही काफी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या कोविड फिर से खतरनाक हो गया है?
नहीं, अब तक कोई ऐसा सबूत नहीं मिला है कि नए वेरिएंट्स ज्यादा घातक हैं। ये तेजी से फैलते हैं, लेकिन गंभीर लक्षण नहीं दे रहे।
Q2. क्या मुझे बूस्टर डोज़ लगवानी चाहिए?
अगर आप 60 साल से ऊपर हैं या किसी पुरानी बीमारी से ग्रसित हैं, तो डॉक्टर से बात कर लें। कुछ देशों में बूस्टर फिर से शुरू हो रहा है।
Q3. क्या भारत में लॉकडाउन जैसी स्थिति आ सकती है?
फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है। केस बढ़े हैं लेकिन स्थिति नियंत्रण में है।
Q4. क्या मास्क पहनना फिर से जरूरी है?
भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क जरूर पहनें, खासकर अगर आपके आसपास कोई खांस रहा हो या खुद आप बीमार महसूस कर रहे हों।
Q5. क्या कोरोना का खतरा फिर से उतना ही है जितना 2020 में था?
बिल्कुल नहीं। अब हमारे पास वैक्सीन, अनुभव और संसाधन हैं। लेकिन सतर्कता ज़रूरी है, क्योंकि वायरस अब भी जिंदा है।
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